हासिम अंसारी के बयान पर राजनैतिंक पार्टियो के सभी मुख्य उनसे मिलने पहुंचे,
हासिम अंसारी का बयान यह सिद्ध करता है मुस्लिम और हिन्दू दोनों अपने अपने धर्म के प्रति समर्पित है, और दोनों के दूसरे के धर्म का सम्मान करते है, उनका बयान उनके लोगो की आवाज है की वो अब एक दूसरे से हिंसा नहीं चाहते ऐसा मेरा मानना है, और इस बात मुद्दा न बना केर इससे सीख ले,
बौखलाए मंत्री जी कहते है, ये सब उनकी फ़्रस्टेशन है, आखिर चुनाब में मुद्दा क्या मिलेगा, मस्जिद मंदिर दोनों ही ईस्वर के घरो क दरवाजे है, इसमे जैसा है बैसा ही रहने दो, पार्टिया समाजवादी न होकर राष्ट्रबादी हो तभी इस देश का भला होगा , हिन्दू मुस्लिम कोटा,और अलग अलग तरीको से बोट जीतना छोड़ दे,
सरहद पर खड़ा हुआ सिपाही नही देखता की वो जिसकी जान बचा रहा है हिन्दू भाई है या मुस्लिम भाई,
तो दोनों धर्म क लोग क्यों आपस में लड़े,
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