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Sunday, 23 November 2014

कुछ इस तरह नया मंत्रालय नये मंत्रियो की भर्ती  के लिए खोला जाता है जितने  ज्यादा मंत्री उतना ज्यादा पाने का मौका सवाल  ये  उठता है इनका फायदा जनता को क्या मिलता है   अख़बार में पड़ने क लिए नई खबर मिल जाती है, सिर्फ, सुचना का  अधिकार है, जानकारी मिलने के बाद क्या समस्या  समाधान मिलता है , क्यों  समस्या विकराल रूप  न लेले तब तक सरकार के पास खबर क्यों नहीं   पहुचती,
  सर्व  शिक्षा अभियान जिनमे अध्यापक की स्वयं योग्यता पर  ऊँगली उठाई   जाती  बन्हा पर पढ़ने  बाले बच्चो को  मिलेगा क्या, क्यों यंहा भी  अध्यापक   चुनाव  अन्या की तरह नहीं होता क्यों ,, क्या ऐसे  विद्यालयों में भी किसी   मंत्री या बी ई  पी के बच्चे  पढ़ते है,  गरीब परिवारो  को  छात्रवती और मिडडेमील  का प्रलोबभन दिया जाता है, जनाब  तारो की   रौशनी से रात रोशन नही होती चाँद रोशन  करता है, मतलब  यही है तादात  पर मत जाओ गुडवत्ता को मायने दो, शिक्षा में  एकाधिकार दो एक अच्छे परिवार और एक गरीब परिवार बच्चा  शिक्षा पा सके न की दाल
चावल खिलाकर पेट की भूख मिटा दे और  मन की भूख  रह जाये
photo source internet 

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